गुजरात की शिक्षा की नई उड़ान, शाला प्रवेशोत्सव बना बदलाव का ज़रिया

Updated:1 year ago

Gujarat, June 24 (ANI): साल 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया शाला प्रवेशोत्सव अभियान अब एक मजबूत शैक्षिक आंदोलन बन चुका है। इसका उद्देश्य दूर-दराज़ के गांवों में जाकर बच्चों, विशेषकर बालिकाओं, का स्कूलों में नामांकन कराना है। इस पहल से ड्रॉपआउट दर में गिरावट आई है और सरकारी स्कूलों में लोगों का भरोसा बढ़ा है। स्कूल अब शिक्षा, सम्मान और अवसरों का प्रतीक बन चुके हैं। 26 जून से शुरू हो रहे इस अभियान का फोकस अब नामांकन के साथ-साथ बच्चों को स्कूल में बनाए रखना, डिजिटल शिक्षा और समावेशी विकास पर है। इसके साथ ‘कन्या केलवनी’ अभियान भी चल रहा है, जो बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देकर सामाजिक जागरूकता को मजबूत करता है।

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