सरकारी सहयोग से गुजरात बना समुद्री मछली उत्पादन में अग्रणी

Updated:1 year, 7 months ago

गुजरात का 1,600 किमी लंबा समुद्री तट मछली पालन, झींगा उत्पादन और समुद्री शैवाल खेती के लिए आदर्श है। वेरावल, देश का प्रमुख तटीय केंद्र, हर साल 9 लाख टन मछली उत्पादन करता है, जिससे ₹4,000-5,000 करोड़ का व्यापार होता है। 2022-23 में गुजरात में 8.97 लाख मीट्रिक टन मछली उत्पादन हुआ, जिसमें 7.03 लाख मीट्रिक टन समुद्र से और शेष तालाब-नदियों से मिला। 2023-24 में यह बढ़कर 9.15 लाख मीट्रिक टन होने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने मछुआरों के लिए सब्सिडी, आधुनिक तकनीक और नए बंदरगाहों जैसे वेरावल-2 और सुतरापाड़ा की योजनाएँ शुरू की हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत ₹61 करोड़ की परियोजनाएँ मंजूर हुईं। अहमदाबाद में ग्लोबल फिशरीज कॉन्फ्रेंस और कच्छ में सीवीड कल्टिवेशन पर राष्ट्रीय सम्मेलन ने टिकाऊ खेती और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा दिया। इन प्रयासों ने गुजरात को समुद्री खाद्य उद्योग में अग्रणी बनाया है।

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