Delhi के Bharat Mandapam में लगी Mother of Democracy Exhibition

Updated:2 years, 10 months ago

नई दिल्ली: भारतीय संस्कृति और सभ्यता हज़ारों साल पुरानी है. इसके उद्गम में अभी तक मतभेद हैं और पुरातत्व विदों में अभी तक ये शोध का विषय है कि भारतीय संस्कृति कब से शुरू हुई. अभी तक इतिहासकारों में सिंधु घाटी सभ्यता को भारतीय संस्कृति की सबसे पुरानी सभ्यता माना जाता है जो लगभग 3300 ईसा पूर्व से 1500 ईसा पूर्व के बीच की पायी गयी और जिसके अवशेष हड़प्पा और मोहनजोदड़ो में प्राप्त हुए थे. इतिहासकारों के अनुसार सिंधु सभ्यता काफी ज्यादा उन्नत, न्यायप्रिय, लोकतान्त्रिक और समृद्ध थी. भारत द्वारा आयोजित किये गए जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल भारत मंडपम में संस्कृति मंत्रालय द्वारा मदर ऑफ डेमोक्रेसी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था जहाँ भारतीय इतिहास के महान सम्राट, उनकी दृढ़ शासन और न्याय व्यवस्था को दर्शाया गया. खुदाई में प्राप्त अभिलेखों, प्रतिमाओं और भित्तिचित्रों से भारतीय इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है. सिंधु काल में कांस्य की प्रतिमाओं का चलन था और ऐसी ही एक प्रतिमा भारत मंडपम के आकर्षण का केंद्र बनी. ये प्रतिमा है नृत्य करती एक कन्या की! ये कांस्य प्रतिमा लगभग 5000 साल पुरानी है. प्रतिमा में इस कन्या ने आभूषण धारण किये हुए हैं और चेहरे पर आत्मविश्वास झलक रहा है. नृत्य करती कन्या की ये प्रतिमा उस काल के समृद्धशाली लोकतंत्र को दर्शाती है जहाँ कला व् संगीत को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था और जहाँ शक्तिशाली न्याय व्यवस्था के साथ साथ नारियों को उच्च दर्ज़ा और सम्मान प्राप्त था. इस प्रतिमा को भारत मंडपम में अन्य भारतीय ऐतिहासिक झलकियों के साथ भारत के उन्नत इतिहास के प्रतीक के रूप में प्रतिष्ठित किया गया था.

Related Video

iocl