Behind the Scenes: गुजरात FSL की जंग — हादसे के शिकार लोगों की पहचान की दौड़

Updated:1 year ago

यह गुजरात के फोरेंसिक साइंस निदेशालय की डीएनए लैब है, जहाँ अहमदाबाद विमान दुर्घटना के पीड़ितों की पहचान डीएनए परीक्षण से की जा रही है। प्रक्रिया आइसोलेशन लैब से शुरू होती है, जहाँ पोस्टमार्टम सैंपल और जले हुए अंगों से डीएनए निकाला जाता है। इसके बाद क्वांटिफिकेशन लैब में डीएनए की मात्रा और गुणवत्ता RT-PCR जैसी तकनीकों से जाँची जाती है। पीसीआर लैब में थर्मल साइक्लर मशीन द्वारा डीएनए की मात्रा बढ़ाई जाती है। अंतिम चरण सीक्वेंसिंग लैब में होता है, जहाँ डीएनए को रन कर उसका प्रोफाइल तैयार किया जाता है। अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की टीम 24x7 काम कर रही है ताकि हर पीड़ित की पहचान सुनिश्चित की जा सके।

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