तंबाकू से केले तक: गुजरात किसान की प्राकृतिक खेती में सफलता की कहानी

Updated:8 months ago

देशभर के किसान अब रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल और लाभदायक साबित हो रही है। गुजरात के वडोदरा जिले के रंछोड़पुरा गाँव के शैलेशभाई पटेल ने पाँच साल पहले तंबाकू की खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाई। अब वे केले, हल्दी और जामफल जैसी फसलों को पूरी तरह प्राकृतिक तरीकों से उगाते हैं, जिससे उनकी आय बढ़ी और लागत कम हुई। परिवार अब आसपास के किसानों को गोबर और गोमूत्र भी निःशुल्क उपलब्ध कराता है। एटीएमए (ATMA) परियोजना प्रशिक्षण, संसाधन और सहायता प्रदान कर किसानों को सशक्त बनाती है। ऐसे सामुदायिक प्रयास गुजरात में सतत और समृद्ध ग्रामीण परिवर्तन की मिसाल पेश कर रहे हैं।

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